समस्या

ये समस्या,एक बार समाधान मिलने के बाद सरल हो जाएगी।

थॉमस अल्वा एडीसन

व्यक्ति

किसी नेता की प्रतीक्षा मत करोअकेले करोव्यक्ति से व्यक्ति द्वारा।

मदर टेरेसा

विजेता

विजेता बोलते हैं की मुझे कुछ करना चाहिए हारने वाले बोलते हैं की कुछ होना चाहिए।

शिव खेड़ा

शुरुआत

हम बदलाव की शुरुआत अपने घरों,आस पड़ोस की जगहों,बस्तीयों,गावों और स्कूलों से कर सकते हैं।

किरण बेदी

व्यक्ति

जो व्यक्ति एकांत में प्रसन्न है वो या तो जंगली जानवर है या फिर भगवान।

अरस्तु

श्रेय

आमतौर पर सिपाही ही लड़ाइयाँ जीतते हैं पर सेनापति उसका श्रेय ले जाता हैं।

नेपोलियन बोनापार्ट

किस्मत

मैं सौभाग्यशाली हूँ कि मैंने इस पवित्र भूमि व देश में जन्म लिया है।

बाबा रामदेव

विजय

धर्म भय पर विजय है असफलता और मौत का मारक है।

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

लक्ष्य

मेरा पहला उद्देश्‍य है निवेश करना और इसके अतिरिक्‍त भी कुछ बच जाता है तो उसे खर्च करना।

शिव खेड़ा

मुस्कान

चलिए जब भी एक दूसरे से मिलें मुस्कान के साथ मिलेंयही प्रेम की शुरुआत है।

मदर टेरेसा

शुरूआत

जब आप अपने करियर के शुरूआती दौर में हीतो उस सिपाही की तरह रहे,जो अपने सीनियर्स की हर बात मानता है। इससे कम ठोकरें खाकर आप ज्यादा सीखेंगे।

नवजोत सिंह सिद्धू

सफलता

सफलता एक गलत मेसेज देता है और लोगो में यह सोच डाल देता है की आप कभी असफल नहीं हो सकते।

बिल गेट्स

प्यार

हम धर्म और ध्यान के बिना रह सकते हैं,लेकिन हम मानव स्नेह के बिना जीवित नहीं रह सकते।

दलाई लामा

मनकीबात

जमा पूंजी ये होने वाले खर्चो में से ही बचायी जाती है वैसे ही जैसे आनेवाल ताजा पानी,निष्क्रिय पानी को बहाकर बचाया जाता है।

चाणक्य

जीवन

मैं मार्ग हूँ,सत्य हूँ,और जीवन हूँ मुझसे हुए बिना कोई पिता तक नहीं पहुँचता।

जीसस क्राइस्ट

ज्ञान

कुशल और निरंतर प्रचार के ज़रिये,कोई लोगों को स्वर्ग भी नर्क की तरह दिखाया जासकता है या एक बिलकुल मनहूस जीवन को स्वर्ग की तरह दिखाया जासकता है ।

अडोल्फ़ हिटलर

दुनिया

दुष्ट दुनिया में कुछ भी स्थायी नहीं हैहमारी मुसीबतें भी नहीं।

चार्ली चैप्लिन

विचार

एक बच्चे को एक मछली न देंबल्कि उसे यह सिखाएं कि मछली कैसे पकड़ते हैं।

माओत्से तुंग

दोस्ती

हर एक दोस्ती के पीछे अपना खुदका का स्वार्थ छिपा होता है। स्वार्थ के बिना कभी कोई दोस्ती नहीं होती। ये एक कटु सत्य है।

चाणक्य

चरित्र

यदि तुम किसी का चरित्र जानना चाहते हो तो उसके महान कार्य न देखो,उसके जीवन के साधारण कार्यों का सूक्ष्म निरीक्षण करो।

श्री अरविंद

मदद

मनुष्य की सेवा करो।भगवान की सेवा करो।

स्वामी विवेकानंद

धर्म

जीने का हो सदुपयोग यह मनुष्य का धर्म है।

सुमित्रानंदन पंत

देशभक्ति

क्या यह लोकतंत्र है? सभी एक साथ पैसा बनाने आये हैं।मैं खुद को सौभाग्यशाली समझूंगा अगर मैं अपने समाजअपने देशवासियों के लिए मरता हूँ।

किसन बाबुराव हजारे

विचार

मेरी समझ से प्रशाशन का मूल विचार यह है कि समाज को एकजुट रखा जाये ताकि वह विकास कर सके और अपने लक्ष्यों की तरफ बढ़ सके।

लाल बहादुर शाश्त्री

विश्वास

असली जोखिम से ही विश्वास की पहचान होती है।

अल्बर्ट आइंस्टीन

संघर्ष

मैं ईश्वर के साथ शांति से हूँ। मेरा टकराव इंसानों के साथ है।

चार्ली चैप्लिन

स्वतंत्रता

एक मनुष्य को अपने देशप्रेम और देश के विकास मे कोई कमी नही करनी चाहिए। क्योकी बिना देश के विकास के नागरिको का भी विकास नही हो सकता।

जूलियस सीजर

धर्म

हमारा धर्म पंडितों की नहींसंतों और द्रष्टाओं की रचना है. हिंदुत्व का मूलाधार विद्या और ज्ञान नहीं हैसीधी अनुभूति है।

रामधारी सिंह दिनकर

संतोष

संतोष,गरीबों को अमीर बनाता है और असंतोषअमीरों को गरीब।

बेंजामिन फ्रैंकलिन

परिवर्तन

बहुत सी ऐसी महिलाएं हैं जो समाज में भारी परिवर्तन लेकर आई हैं।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

शिक्षा

संसार में जितने प्रकार की प्राप्तियां हैं,शिक्षा सब से बढ़कर है।

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला

आत्मविश्वास

अवसर के बिना अक्सर काबिलियत कुछ भी नहीं है।

नेपोलियन बोनापार्ट

प्रकृति

मुझे ये नहीं समझ आता कि इंसान प्रकृति के जितना ही क्रूर क्यों नहीं हो सकता ।

अडोल्फ़ हिटलर

विचार

व्यक्तियो को कुचल कर,वे विचारों को नहीं मार सकते।

शहीद भगत सिंह

जीवन

हमें जो मिलता है उससे हम जीवन चलाते हैंपर हम जो देते हैं उससे हम जीवन बनाते हैं।

विंस्टन चर्चिल

ज्ञान

पतंगें हवा के विपरीत दिशा में ऊपर उठती हैं,हवा के साथ नहीं।

विंस्टन चर्चिल

गलत

गलत कारणों से योगाभ्यास करते हुए भी,अगर आप इसे सही तरीके से करते हैं,तब भी यह काम करता है।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

मनकीशक्ति

मैं परमात्मा का प्रतिनिधि हूँ।

बाबा रामदेव

धर्म

मेरा धर्म देश की सेवा करना है।

शहीद भगत सिंह

माँ

मैं माँ भारती का अम्रतपुत्र हूँ,माता भूमि: पुत्रोहं प्रथिव्या:।

बाबा रामदेव

तर्क

कभी भी उसे तर्क से नही समझा जा सकता है चाहे तर्क करने में अपने कई सारे जीवन लगा दे।

श्री गुरु नानक देव

विश्वास

विश्वास के साथ अपने सपनों की दिशा में आगे बढ़ो उस जीवन को जियो जिसकी तुमने कल्पना की है।

अर्नाल्ड ऐलोइस श्वाज़नेगर

विज्ञान

विज्ञान एक क्रियात्मक प्रयोग है।

महादेवी वर्मा

शिक्षा

एक गलत शिक्षित बच्चा एक गँवा दिया गया बच्चा है।

जॉनएफ केनेडी

मनकीबात

अतिरिक्त प्रयास करने को अपनी दैनिक आदत का हिस्सा बना लें।

ब्रूस ली

संतुष्ट

जब आप किसी चीज से संतुष्ट न हो तो आप सीखने की ओर बढोगे।

बिल गेट्स

आत्मा

आत्मज्ञान एक समझ है कि यही सब कुछ है,यही बिलकुल सही है,बसयही है आत्मज्ञान कोई उपलब्धि नहीं है,यह ये जानना है कि ना कुछ पाना है और ना कहीं जाना है।

ओशो

मुश्किल

सबसे मुश्किल काम है सोचना,शायद यही कारण है कि इसमें इतने कम लोग लगे होते हैं।

हेनरी फोर्ड

सपने

इससे पहले कि सपने सच हों आपको सपने देखने होंगे।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

देशभक्ति

हमें एक अरब लोगों के देश की तरहसोचना और काम करना चाहिए,ना कि दस लाख आबादी वाले देश की तरह। सपने देखोसपने देखोसपने देखो।

डॉ एपीजे अब्दुल कलाम

मनकीबात

कुछ भी थोपा नहीं जा सकताग्रहणशीलता ही सब कुछ है।

बी.के.एस आयंगर

सलाह

वाल स्ट्रीट ही एक ऐसी जगह है जहाँ रोल्स रोयस से चलने वाले लोग सबवे से जाने वाले लोगों से सलाह लेने आते हैं।

वॉरेन एडवर्ड बफे

सही

आप सबकी सदभावना ही मेरी सच्ची सामजिक प्रतिष्ठा है।

श्री गुरु नानक देव

हिम्मत

मैं असफल नहीं हुआ हूँ। मैंने बस 10,000 ऐसे तरीके खोज लिए हैं जो काम नहीं करते हैं।

थॉमस अल्वा एडीसन

सफलता

पहले वो आप पर ध्यान नहीं देंगेफिर वो आप पर हँसेंगेफिर वो आप से लड़ेंगे,और तब आप जीत जायेंगे।

मोहनदास करमचंद गाँधी

सोच

अपनी सोच को सीमित मत करोतभी विस्तार में सोच पाओगे।

माओत्से तुंग

मन

सृष्टि का स्रोत बहुत सूक्ष्म है।जब आप अपने शरीर और मन को शांत कर देते हैंतभी यह बात करता है।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

योग

योग का अर्थ है जीवन की चक्रीय प्रक्रिया को तोड़कर इसे एक सीधी रेखा बनाना।

सद्गुरु जग्गी वासुदेव

विज्ञान

मैं मानता हूँ कि ब्रह्माण्ड विज्ञान के नियमों द्वारा संचालित होता है।हो सकता है ये नियम भगवान द्वारा बनाये गए हों,लेकिन भगवान इन नियमों को तोड़ने के लिए हस्तक्षेप नहीं करता।

स्टीफन हॉकिंग

जाति

ना मै बच्चा हु,ना एक युवक हु,ना पौराणिक हु और ना ही किसी जाति से हु।

श्री गुरु नानक देव