एक आरज़ू थी तेरे साथ जिंदगी गुजारने की, पर तेरी तरह मेरी तो ख्वाहिशे भी बेवफा निकली।

खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे,
और वो औरो से मिलने का इलज़ाम लगा रहे है…

खुद से मिलने की भी फुरसत नहीं है अब मुझे,
और वो औरो से मिलने का इलज़ाम लगा रहे है…

एक कब्र पर लिखा था…किस को क्या इलज़ाम दूं दोस्तो…,
जिन्दगी में सताने वाले भी अपने थे,और दफनाने वाले भी अपने थे..😢 💔 😒

दिल के सागर में लहरें उठाया ना करो,
ख्वाब बनकर नींद चुराया ना करो,
बहुत चोट लगती है मेरे दिल को,
तुम ख्वाबो में आकर युँ तडपाया ना करो.

इस दुनिया मेँ अजनबी रहना ही ठीक है….
लोग बहुत तकलीफ देते है अक्सर अपना बना कर !!😢 💔 😒

ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम अमीर;
सारे जहाँ का दर्द 💔हमारे जिगर में है।😢 😭

फासले ऐसे भी होगे ये कभी सोचा न था !
सामने बैठे थे मेरे पर वो मेरा न था

मैं रोज़ लफ़्ज़ों में बयान करता हूँ अपना दर्द💔,
और सब लोग सिर्फ़ वाह वाह कह कर चले जाते है

इतना याद न आया करो, कि रात भर सो न सकें। सुबह को सुर्ख आँखों का सबब पूछते हैं लोग।

हम रूठे तो किसके भरोसे,
कौन आएगा हमें मनाने के लिए,
हो सकता है, तरस आ भी जाए आपको..
पर दिल कहाँ से लाये.. आप से रूठ जाने के लिए!😢 😭

बात किस्मत की है जो जुदा हो गए हम वरना वो तो मुझे अपनी तकदीर कहा करते थे।😢 💔 😒

सच कहू तो में आज भी इस सोच में गुम हू !!!!
में तुम्हे जीत तो सकता था जाने हरा क्यों ?😢 😭

किस किस से वफ़ा के वादे कर रखे हैं तूने ???
हर रोज़ एक नया शख्स मुझसे तेरा नाम पूछता है😢 💔 😒

काश तू मेरी मौत होती तो एक दिन मेरी ज़रूर होती।😢 😭

एक पुराना मोसम लोटा,,याद भरी पुरवायी भी,
ऐसा तो कम ही होता है,,वो भी हो तन्हाई भी😢 💔 😒

रुठुंगा अगर तुजसे तो इस कदर रुठुंगा की ,, ये तेरीे आँखे मेरी एक झलक को तरसेंगी !!

दुनिया जीत गयी
दिल हार गया

जख्म ही देना था तो पूरा जिस्म तेरे हवाले था,
लेकिन कम्बख़त ने जब भी वार किया, दिल पर ही किया😢 💔 😒

बस यही सोच कर हर तपिश में जलता आया हूँ;
धूप कितनी भी तेज़ हो समन्दर नहीं सूखा करते।😢 😭

क़ाश कोई ऐसा हो, जो गले लगा कर कहे…!! तेरे दर्द से मुझे भी तकलीफ होती है….!!

मेरी आवारगी में कुछ दखल तुम्हारा भी है
क्यों की जब तेरी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता😢 😭

क्या लिखूँ दिल की हकीकत आरज़ू बेहोश है,ख़त पर हैं आँसू गिरे और कलम खामोश है!

आ जाओ लहराती इठलाती हुई,
तुम इन हवाओं की तरह! मौसम ये बहुत बेदर्द है,
तुझे मेरे दिल से पुकारा है!!😢 😭

किस्मत पर एतबार किसको है,
मिल जाये ख़ुशी तो इनकार किसको है😢 😭

नमक की तरह हो गयी है जिंदगी, लोग स्वादानुसार इस्तेमाल कर लेते हैं !!!

मोहब्बत है मेरी इसीलिए दूर है मुझसे,
अगर जिद होती तो शाम तक बाहों में होती ।😢 😭

रोकना मेरी हसरत थी जाना उसका शौक।
वो शौक पूरा कर गए मेरी हसरतें तोड़ कर।😢 😭

समन्दर की स्याही बनाकर शुरू किया था लिखना
खत्म हो गई स्याही मगर माँ की तारीफ बाकी है😢 💔 😒

वो जा रही थी और मैं खामोश खड़ा देखता रहा,
क्योंकि सुना था कि पीछे से आवाज़ नहीं देते..!😢 😭

बेवफा तेरा मासुम चेहरा
भुल जाने के काबिल नही।
है मगर तु बहुत खुबसुरत
पर दिल लगाने के काबिल नही.

प्यार करो तो हमेशा मुस्कुरा के,
किसी को धोखा ना दो अपना बना के,
कर लो याद जब तक हम ज़िंदा है,
फिर ना कहना की चले गये दिल मे यादें बसा के…

जख्म बन जाने की आदत है उन्हें रुला कर मुस्कुराने की आदत है उन्हें ; मिलेंगे कभी तो खूब रुलाएंगे सुना हैं रोते हुए लिपट जाने की आदत है उन्हें ।

टूटी हुई डाली का दर्द 💔उसकी साख से पूँछो,
धरती की प्यास बरसात से पूँछो,
मैं आपको कितना चाहता हूँ,
ये मुझसे नहीं अपने आप से पूँछो।

कोन कहता हे मुसाफिर जख्मी नही होते , रस्ते गवाह हे कम्बख्त गवाही नही देते ..!!

भुला देंगे तुमको ज़रा सब्र तो कीजिये ,
आपकी तरह मतलबी बनने में थोड़ा वक़्त तो लगेगा हमें।

किस्मत पर एतबार किसको है,
मिल जाये ख़ुशी तो इनकार किसको है😢 😭

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग,
पर किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे…..!!

माँ कहती है मेरी दौलत है तू,,,
और बेटा किसी और को ज़िन्दगी मान बैठा है.

कहीं तुम भी न बन जाना किरदार किसी किताब का
लोग बड़े शौक से पड़ते है कहानिया बेवफाओं की.😢 😭

अगर वो ज़िन्दगी में फ़कत एक बार मेरा हो जाता…
तो मैं ज़माने की किताबों से लफ़्ज़ बेवफाई ही मिटा देता…😢 😭

दुनिया जीत गयी
दिल हार गया

लोग बेवजह ढूँढते हैँ खुदखुशी के तरीके हजार;
इश्क करके क्यों नहीँ देख लेते वो एक बार।😢 😭

मोहब्बत में हमेशा अपने आप को बादशाह समझा हमने
मगर एहसास तब हुआ जब किसी को माँगा फकीरों की तरह

हम तो इन्तेजार करते करते अब मर जायेंगे…
कोइ तो आये एेसा जिन्दगी में जो बेवफा ना हो….!!!😢 💔 😒

ये लकीरें, ये नसीब, ये किस्मत सब फ़रेब के आईनें हैं,
हाथों में तेरा हाथ होने से ही मुकम्मल ज़िंदगी के मायने हैं.😢 💔 😒

मेरी आवारगी में कुछ दखल तुम्हारा भी है
क्यों की जब तेरी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता😢 😭

ज़नाज़ा इसलिए भारी था
उस गरीब का ,.,
वो अपने सारेअरमान साथ लेकर गया था ,.,!

बड़ी अजीब सी मोहब्बत थी तुम्हारी……
पहले पागल किया..
फिर पागल कहा..
फिर पागल समझ कर छोड़ दिया..😢 💔 😒

दुनिया बहुत मतलबी है,
साथ कोई क्यों देगा,
मुफ्त का यहाँ कफ़न नहीं मिलता,
तो बिना गम के प्यार कौन देगा।😢 💔 😒

झुठा नहीं तू …. मुझको पता है….. बस थोड़ा रुठा सा है …… 💔

मेरे हाथों में उनका हाथ आया तो महसूस हुआ.
ज़िंदगी ही हाथ लग गई हो जैसे..😢 😭

दर्द 💔से दोस्ती हो गई यारों,
जिंदगी बे दर्द 💔हो गई यारों,
क्या हुआ जो जल गया आशियाना हमारा,
दूर तक रोशनी तो हो गई यारो।

ज़िन्दगी ये चाहती है कि ख़ुदकुशी कर लूँ,
मैं इस इन्तज़ार में हूँ कि कोई हादसा हो जाए।😢 😭

दर्द 💔हैं दिल में पर इसका ऐहसास नहीं होता…
रोता 😭 हैं दिल जब वो पास नहीं होता…
बरबाद हो गए हम उनकी मोहब्बत में…
और वो कहते हैं कि इस तरह प्यार नहीं होता…

हमने तो एक ही शख्स पर चाहत ख़त्म कर दी ..
अब मोहब्बत किसे कहते है मालूम नहीं..😢 😭

यहाँ सब खामोश है कोई आवाज़ नहीं करता…
सच बोलकर कोई, किसी को नाराज़ नहीं करता।😢 💔 😒

तुझे क्या देखा, खुद को ही भूल गए हम इस क़दर
कि अपने ही घर जो आये तो औरों से पता पूछ पूछकर😢 💔 😒

महसूस खुद को तेरे बिना मैंने कभी किया नहीं।
तू क्या जाने लम्हा कोई मेने कभी जिया नहीं..😢 💔 😒

मोहब्बत की तरह नफरत का भी साल में एक ही दिन तय कर दो कोई
ये रोज़ रोज़ की नफरतें अच्छी नहीं लगतीं..!!😢 💔 😒