न जाने क्या मासूमियत है तेरे चेहरे पर…
तेरे सामने आने से ज़्यादा तुझे छुपकर देखना अच्छा लगता है …!!!😘😘😘

एक वो है जो समझता नही,
और यहाँ जमाना मेरी कलम पढ़ कर दीवाना हुआ जा रहा है😘😘😍😍

डूबी हैं मेरी उँगलियाँ खुद अपने लहू में;
ये काँच के टुकड़ों को उठाने के सज़ा है। 💞 💞

सौदा कुछ ऐसा किया है तेरे ख़्वाबों ने मेरी नींदों से….
या तो दोनों आते हैं ….
या कोई नहीं आता !!😘😘😘

हम तो सोचते थे कि लफ्ज़ ही चोट करते हैं;
मगर कुछ खामोशियों के ज़ख्म तो और भी गहरे निकले। 💞 💞

तेरे इश्क की दुनिया में हर कोई मजबूर है;
पल में हँसी पल में आँसू ये चाहत का दस्तूर है;
जिसे मिली न मोहब्बत उसके ज़ख्मो का कोई हिसाब नहीं;
ये मोहब्बत पाने वाला भी दर्द से कहाँ दूर है।😘😘😘

मेरी आवारगी में कुछ दखल तुम्हारा भी है
क्यों की जब तेरी याद आती है तो घर अच्छा नही लगता

सोचता हु हर कागज पे तेरी तारीफ करु,
फिर खयाल आया कहीँ पढ़ने वाला भी तेरा दीवाना ना हो जाए😘😘😍😍।

तुम्हारी प्यारी सी नज़र अगर इधर नहीं होती,
नशे में चूर फ़िज़ा इस कदर नहीं होती,
तुम्हारे आने तलक हम को होश रहता है,
फिर उसके बाद हमें कुछ ख़बर नहीं होती..😘😘😘

वो नाराज़ हैं हमसे कि हम कुछ लिखते नहीं;
कहाँ से लाएं लफ्ज़ जब हमको मिलते नहीं;
दर्द की ज़ुबान होती तो बता देते शायद;
वो ज़ख्म कैसे दिखाए जो दिखते नहीं।😘😘😍😍

अंदाज-ऐ-प्यार तुम्हारी एक अदा है..
दूर हो हमसे तुम्हारी खता है..
दिल में बसी है एक प्यारी सी तस्वीर तुम्हारी..
जिस के नीचे ‘आई मिस यू’ लिखा है..😘😘😘

इतना भी गुमान न कर आपनी जीत पर ऐ बेखबर
शहर में तेरे जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं।….।।😘😘😍😍

👉🏻तेरे 👱खामोश 🤐होठों 👄पर मुहोब्बत 😍 गुन्गुनाती 🎧 है 😘तु 👆🏻मेरा 😉है मैं 😎तेरी 👆🏻 हु 😘बस 🤚🏻यही 😉 आवाज़ 🗣 आती 😍है ….!

हमारी दास्तां उसे कहां कबूल थी,
मेरी वफायें उसके लिये फिजूल थीं,
कोई आस नहीं लेकिन कोई इतना बतादो,
मैंने चाहा उसे क्या ये मेरी भूल थी।😘😘😍😍

अजीब रंग में गुजरी है जिंदगी अपनी.दिलो पर राज़ किया और मोहब्बत को तरसे.

मेरी यादें मेरा चेहरा मेरी बातें रुलायेंगी,
हिज़्र के दौर में गुज़री मुलाकातें रुलायेंगी,
दिनों को तो चलो तुम काट भी लोगे फसानों मे,
जहाँ तन्हा मिलोगे तुम तुम्हे रातें रुलायेंगी|😘😘😍😍

बेवफाई तो सब करते है पगली….
तु तो समजदार थी,कुछ नया कर लेती..! 💞 💞

कितना दर्द है दिल में दिखाया नहीं जाता,
गंभीर है किस्सा सुनाया नहीं जाता,
एक बार जी भर के देख लो इस चहेरे को,
क्योंकि बार-बार कफ़न उठाया नहीं जाता|😘😘😍😍

मेरे पास गोपीयाँ तो बहुत है….
पर मेरा मन मेरी राधा के सीवा कही लगता ही नही…!!

किसी को भी वोट मिले👈, किसी का भी प्रचार हो👍 बस तू मेरा 👦रहे, इस दिल ❤में तेरी 👦ही सरकार हो.

उसकी आंखे इतनी गहरी थी की ,
तैरना तो आता था मगर डूब जाना अच्छा लगा . 💞 💞

मेरी फितरत में नहीं अपना गम बयां करना,
अगर तेरे वजूद का हिस्सा हूँ तो महसूस कर तकलीफ मेरी..।।😘😘😍😍

तेरे दर्द पर रोता हूँ आज भी,
तू बेदर्द हो गयी ज़माने से,
क्या कमी रह गयी मेरी मुहब्बत मे,
ये जिन्दगी बीत न जाये सुलझाने मे|

बड़ी मुस्किल से बनाया था,
अपने आपको काबिल उसके उसने ये कहकर बिखेर दिया…
की तुमसे मोह्बत तो है पर पाने की चाहत नही हैं।😘😘😍😍

तेरी दुनिया में जीने से तो बेहतर हैं कि मर जायें;
वही आँसू, वही आहें, वही ग़म है जिधर जायें;
कोई तो ऐसा घर होता जहाँ से प्यार मिल जाता;
वही बेगाने चेहरे हैं जहाँ जायें जिधर जायें।😘😘😘

बस यही सोच कर हर तपिश में जलता आया हूँ;
धूप कितनी भी तेज़ हो समंदर नहीं सूखा करते।😘😘😍😍

आज भीगी है पलके किसी की याद में
आकाश भी सिमट गया हैं अपने आप में
ओस की बूँद ऐसी गिरी है ज़मीन पर
मानो चाँद भी रोया हो उनकी याद में.…😘😘😘

मुझ को तो होश नहीं तुमको खबर हो शायद;
लोग कहते हैं कि तुमने मुझे बर्बाद कर दिया। 💞 💞

मुझसे नफरत ही करनी है तो इरादे मजबूत रखना,जरा से भी चुके तो महोब्बत हो जायेगी.

नजर में डूबके न आ सके किनारे पे,अजी हम मर गये थे आपके इशारे पे.

वो करते हैं बात इश्क़ की,
पर इश्क़ के दर्द का उन्हें एहसास नहीं,
इश्क़ वो चाँद है जो दिखता तो है सबको,
पर उसे पाना सब के बस की बात नही..!😘😘😘

बहुत आसान है जमाने में जनम लेना,
बड़ी मुश्किल है एक उम्र तक जीवन जीना,
हम तो खामोश हैं तेरी ही खामोशी से,
तुमसे ही सीखा है हमने आंसू पीना..😘😘😍😍

तेरी सांस के साथ चलती है मेरी हर धड़कन,
और तुम पूछते हो मुझे याद किया या नही.. 💞 💞

मैं ख़ामोशी तेरे मन की, तू अनकहा अलफ़ाज़ मेरा…।।
मैं एक उलझा लम्हा, तू रूठा हालात मेरा … ।😘😘😍😍

वादा करके वो निभाना भूल जाते हैं,
लगा कर आग फिर वो बुझाना भूल जाते हैं,
ऐसी आदत हो गयी है अब तो उस हरजाई की,
रुलाते तो हैं मगर मनाना भूल जाते हैं।😘😘😘

न जवाब न कोई सवाल रहता है ……मुझे सिर्फ तेरा ख़याल रहता है.

बहुत आसान है जमाने में जनम लेना,
बड़ी मुश्किल है एक उम्र तक जीवन जीना,
हम तो खामोश हैं तेरी ही खामोशी से,
तुमसे ही सीखा है हमने आंसू पीना..😘😘😍😍

करीब आओ ज़रा के तुम्हारे बिन जीना है मुश्किल,
दिल को तुमसे नही..
तुम्हारी हर अदा से मोहब्बत है

बरसों सजाते रहे हम किरदार को अपने…
कुछ लोग बाजी मार ले गये यहाँ सूरत सवार कर…😘😘😍😍

हुआ जब इश्क़ का एहसास उन्हें;
आकर वो पास हमारे सारा दिन रोते रहे;
हम भी निकले खुदगर्ज़ इतने यारो कि;
ओढ़ कर कफ़न, आँखें बंद करके सोते रहे।😘😘😍😍

बदनसीब मैं हूँ या तू हैं, ये तो वक़्त ही बतायेगा…
बस इतना कहता हूँ, अब कभी लौट कर मत आना….😘😘😘

कहाँ से लाएँ अपनी बेगुनाही के पक्के सबूत,दिल, दिमाग, नजर सब कुछ तो तेरी कैद में हैं।

यूँ तो शिकायते तुझ से सैंकड़ों हैं मगर , तेरी एक मुस्कान ही काफी है सुलह के लिये.

ज़रूरी तो नहीं था हर चाहत का मतलब इश्क़ हो;
कभी कभी कुछ अनजान रिश्तों के लिए दिल बेचैन हो जाता है।😘😘😘

इतनी बदसलूकी ना कर ऐ जिदंगी,
हम कौन सा यहाँ बार बार आने वाले है,
सुना है जिदंगी इम्तहान लेती है,
यहाँ तो इम्तहानों ने जिदंगी ले रखी है| 💞 💞

हम तुझ से किस हवस की फ़लक जुस्तुजू करें;
दिल ही नहीं रहा है कि कुछ आरज़ू करें।

न कोई किसी से दूर होता है,
न कोई किसी के करीब होता है,
प्यार खुद चल कर आता है,
जब कोई किसी का नसीब होता है| 💞 💞

बात इतनी सी थी ,कि तुम अच्छे लगते थे. अब बात इतनी बढ़ गई,कि तुम बिन कुछ अच्छा नहीं लगता.

मत सोच कि मैं तुझे भुला नहीं सकता,
तेरी यादों के पन्ने मैं जला नहीं सकता,
कश्मकश ये है कि खुद को मारना होगा,
और अपने सुकून की खातिर, तुझे रुला नहीं सकता|😘😘😍😍

सोचते हैं जान अपनी उसे मुफ्त ही दे दें ,
इतने मासूम खरीदार से क्या लेना देना । 💞 💞

छोटी सी ज़िन्दगी में अरमान बहुत थे;
हमदर्द कोई न था इंसान बहुत थे;
मैं अपना दर्द बताता भी तो किसे बताता;
मेरे दिल का हाल जानने वाले अनजान बहुत थे।😘😘😘

#माँगने 🙏 को तो 😍 बहुत 💖 कुछ माँग #लूँ_तुमसे 😘👩 #क्या ☝ दोगे गर 💑 तुम्ही को 👰 माँग #लूँ_तुमसे 👈

मुहब्बत में झुकना कोई अजीब बात नहीं;
चमकता सूरज भी तो ढल जाता है चाँद के लिए।

आज मुझे चोट लगी तो खून लाल ही निकला,
मैने सोचा था यह भी मेरे महबूब की तरह बदल गया होगा?? 💞 💞

अब उठती नहीं हैं आँखें, किसी और की तरफ …पाबन्द कर गयीं हैं शायद, किसी की नज़रें मुझे.

वो खुद पर गरूर करते है, तो इसमें हैरत की कोई बात नहीं,जिन्हें हम चाहते है, वो आम हो ही नहीं सकते !!

कुछ लोग पसंद करने लगे हैं अल्फाज मेरे;
मतलब मोहब्बत में बरबाद और भी हुए हैं। 💞 💞

एक सुकून की तलाश मे जाने कितनी बेचैनियां पाल ली,
और लोग कहते है हम बडे हो गए हमने जिंदगी संभाल ली.

राज तो हमारा हर जगह पे है…।
पसंद करने वालों के दिल में ; और
नापसंद करने वालों के दिमाग में…।।

कहा था सबने, डूबेगी यह कश्तीl
मगर हम जानकर बैठे उसी मेंll