मार दे एक दफ़ा ही नशीला सा कुछ खिला के, क्यूँ जहर दे रहे हो मोहब्बत मिला मिला के !!

लब ये कहते है की चलो अब मुस्कुराया जाये, सोचती है आखे की दिल से दगा कैसे किया जाये !!

सिख रहा हूँ धीरे धीरे तेरे शहर के रिवाज, जिससे मतलब निकल जाए उसे जिन्दगी से निकाल देना !!

गुस्सा तो तब आता है जब कोई हमारी जिन्दगी बरबाद करके, कहता है की अब हम दोनो दोस्त ही रहेंगे !!

मेरी मौत पे किसी को अफ़सोस हो न हो, ऐ दोस्त पर तन्हाई रोएगी की मेरा हमसफर चला गया !!

अब सहारो की बात न करना, अब दिलासो से भर गया है दिल !!

सच कहूँ तो तुझे कभी प्यार था ही नहीं मुझसे, तूने तो अपनी खामोशी दुर करने के लिये हमे खामोश कर दिया !!

मुझे रुला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है, जिस दिन मेरी आँख ना खुली बेशक तुझे नींद से नफरत हो जायगी !!

ताल्लुक हो तो रूह से रूह का हो, दिल तो अक्सर एक दूसरे से भर जाया करते है !!

सुनो ये मेरा दिल तुम ही रख लो ना, मेरे पास वैसे भी परेशान रहता है !!

बात मुक्कदर पे आ के रुकी है वर्ना, कोई कसर तो न छोड़ी थी तुझे चाहने में !!

जिन्हे प्यार नहीं रुलाता, उन्हे प्यार की निशानियाँ रुला देती है !!

एक खेल रत्न उसको भी दे दो, बड़ा अच्छा खेलती है वो दिल से !!

घुटन सी होने लगी है इश्क़ जताते हुए, मैं खुद से रूठ गया हूँ तुम्हे मनाते हुए !!

सब कुछ बदला बदला था जब बरसो बाद मिले, हाथ भी न थाम सके वो इतने पराये से लगे !!

कभी जो थक जाओ तुम दुनिया की महफिलो से, हमे आवाज दे देना, हम अकसर अकेले होते है !!

अंजामे वफ़ा ये है जिसने भी मोहब्बत की, मरने की दुआ मांगी, जीने की सज़ा पाई !!

लोग चुराने लगे है स्टेटस मेरे, गुजारिश है की गम भी चुरा लो !!

ए दिल मत कर इतनी मोहब्बत किसी से, इश्क़ में मिला दर्द तू सह नहीं पायेगा !!

वफ़ा के शीश महल में सजा लिया मैंने, वो एक दिल जिसे पत्थर बना लिया मैंने !!

उनके हाथों में मेहंदी लगाने का फायदा ये हुआ की, रात भर उनके चेहरे से जुल्फें हम हटाते रहे !!

यू तो बरबाद होने के रास्ते और भी थे, ना जाने मुझे मोहब्बत का ही ख्याल क्यों आया !!

जो उड़ गए परिन्दे उनका अफ़सोस क्यों करूँ, यहाँ तो पाले हुए भी गैरों की छत पर उतरते है !!

ऐसा लगता है की मैं टूट गया हूँ अन्दर से, बात करता हूँ तो आवाज़ खनकती है मेरी !!

इतना उदास शाम का मंजर कभी न था, सूरज के साथ डूब गया मेरा दिल भी आज !!

वो अक्सर मुझसे पूछते है शायरी कैसे बने, मैं कहता हूँ कुछ आँसू कागज़ पर गिरे और छप गए !!

दिल जलाने की अदा तुम्हारी आज तक नहीं गयी, फूल अब भी तुम पास वाली कब्र पर रख जाती हो !!

तुम जिन्दगी की वो कमी हो, जो जिन्दगी भर रहेगी !!

किसी को भी अपना बनाने का हुनर है तुम में, काश किसी का बनकर रहने का हुनर भी होता !!

दुख अपना अगर हमको बताना नहीं आता, तुम को भी तो अंदाज़ा लगाना नहीं आता !!

हम ना पा सके तुझको मुद्दतो चाहने के बाद, किसी गैर ने तुझे अपना बना लिया चंद रसमें निभाने के बाद !!

यहाँ लोग मुझ में मोहब्बत तलाश करते है, मैं तेरे बाद किसी का रहा ही कहाँ हूँ !!

ए खुदा तुझे इश्क का वास्ता, या यार दे या मार दे !!

बेबसी की इक हद ये भी है, ना तुम मेरे हो और ना मैं अपना हूँ !!

लोग बेवजह ढूँढते है खुदखुशी के तरीके हजार, इश्क करके क्यूं नहीं देख लेते एक बार !!

तकदीर बनाने वाले, तूने भी हद कर दी, तकदीर में नाम किसी और का और दिल में चाहत किसी और की भर दी !!

मोहब्बत की बात ना करो ये सब पुरानी बाते है, हम से आज की बात करो की तुम अब किसके हो !!

एक दिन तुम्हे एहसास होगा कि क्या था मैं तुम्हारे लिए ! पर तब तक मैं तुम्हारी ज़िन्दगी से बहुत दूर जा चुका हूँगा

वो तो आँखे थी जो सब सच बयां कर गयी, वरना लफ़्ज होते तो कब के मुकर गए होते !!

हम तो सोचते थे की लफ्ज़ ही चोट देते है, मगर कुछ खामोशियों के ज़ख्म तो और भी गहरे निकले !!

आवाज़ करके रोना तो मुझे आज भी नहीं आता, काश तूने मेरी खामोश सिसकियाँ ही सुन ली होती !!

एसा नहीं की अब तेरी जरूरत नहीं रही, बस टूट के बिखरने की अब हिम्मत नहीं रही !!

मेरी तन्हाई का मेरा शौक न समजना, बहोत प्यार से दिया है तोहफा किसीने !!

बड़े शौक से उतरे थे ईश्क के समंदर में, पहली लहर ने ऐसा डुबाया की अबत क किनारा ना मिला !!

किसी जमाने में यारों का यार था वो भी, वो एक शख्स जो आज तन्हा दिखाई देता है !!

बहाना क्यूँ तलाश करते हो रूठ जाने का, बस इतना कह देते की दिल में जगह नहीं है !!

अब तू कितना भी सता ले मुझे लेकिन याद रख, अब किसी मोड़ पे तुझे भी बदलने पे मजबूर कर दूंगा !!

कभी कभी तो मुझे समझ में नहीं आता, की मुझे जरूरत दवाई की है या तुम्हारी !!

मैं जानता हूँ की ए मोहब्बत तू देने वालों की कभी नहीं हुई, पर जुआ में आखरी तक उम्मीद करना फितरत है मेरी !!

मेरे गम की दवा हो तुम, और इसी गम की वजह भी हो तुम !!

उसका प्यार भी आवारा बादल निकला, गरजा कहीं और बरसा कहीं और !!

ये किस मोड़ पर तुम्हे बिछड़ने की सूझी, मुद्दतों के बाद तो संवरने लगे थे हम !!

ऐ बारिश जरा खुलकर बरस ये क्या तमाशा है, इतनी रिमझिम तो मेरी आँखों से रोज होती है !!

तरस आता है मुझे अपनी मासूम सी पलको पर, जब भीग के कहती है की अब रोया नहीं जाता !!

बड़ा मुश्किल हो गया दिल को संभाले रखना, वो जाते हुए कह गए की अपना ख्याल रखना !!

कम ना करना तुम अपना कोई सितम, कर के खुश तुम सह के खुश हम !!

सारे दुःखों को भुलाकर मुस्कुराया‬ तेरे लिए, अब तू बता तू कभी रोयी‬ मेरे लिए !!

बहुत महसूस होता है, तेरा महसूस न करना !!

जाते जाते उसने ये तो कहा की अपना ख्याल रखना, पर उसकी आंखे कह रही थी की अब मेरा ख्याल कोन रखेगा !!

अगर एक आंसू की किंमत हो एक पैसा, तो सुनो मेरे लाखो के कर्ज़दार हो तुम !!