मेरा हर वो लम्हा जो तुमसे जुदा हो के बितता है, उसमे मेरा जिंदा होना जैसे एक सजा होता है !!

कसमें-वादे ही सबसे कमजोर थे, दिल टूटने से पहले टूट सारे गए !!

अजीब नींद मेरे नसीब में लिखी है, पलकें बंद होती है तो दिल जाग जाता है !!

दिल की उम्मीदों का हौंसला तो देखो, इन्तजार उसका है जिसको एहसास तक नहीं !!

कहते है की पत्थर दिल रोया नहीं करते, तो फिर पहाड़ो से ही झरने क्यों बहा करते है !!

मोहब्बत और वफ़ा की हमेशा से दुश्मनी रही है, ना तो वफ़ा से मोहब्बत मिलती है और ना ही मोहब्बत से वफ़ा !!

चाहते तो हम भी मोहब्बत कर सकते है, लेकिन हमे बरबाद होने का शौक नहीं है !!

सुनो आज खुश हूँ , पर वजह तुम नहीं !!

पूछा जो हमने की किसी और के होने लगे हो क्या, वो मुस्कुरा के बोले की पहले तुम्हारे थे क्या !!

हम गरीब लोग है किसी को मोहब्बत के सिवा क्या देंगे, एक मुस्कुराहट थी वो भी बेवफा लोगों ने छिन ली !!

वो कहता था तेरे जिस्म का साया हुँ मैं, शायद इसलिए अंधेरो में साथ छोड गया !!

गए थे गुनाहों की माफ़ी माँगने, वहाँ एक और गुनाह कर आए हम !!

पलक से पानी गिरा है तो उसको गिरने दो, कोई पुरानी तमन्ना पिघल रही होगी !!

मुझे मेरी औकात पता चल गयी, जब मुझे छोड़ मेरी मोहब्बत किसी पैसे वाले के साथ लग गयी !!

मुझे बहुत प्यारी है तुम्हारी दी हुई हर एक निशानी, चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखों का पानी !!

आज हमारी बातों का जवाब नहीं देते होना, आओगे जब हमारी कब्र पर तब हम भी ऐसा ही करेंगे !!

मैं जब हारा था तुमसे, क्या वो जीत तुम्हारी भी थी ?

जरा तो शर्म करती तू , मोहब्बत चुप चुप के और नफरत सरे आम !!

काश तुम मेरी मौत होती, एक दिन तो मिल ही जाती !!

जो लिखा करते थे कभी हथेली पर नाम मेरा, आज सुनकर नाम मेरा देखो अंजान बनते है !!

टाईम से आ आया करो दिल दुखाने, वरना ऐसे तो हम तुम्हे भूलते जायेंगे !!

सब का दिल रखने में अक्सर, मेरा दिल टूट जाता है !!

नसीब की बारिश कुछ इस तरह से होती रही मुझ पर, ख्वाहिशे सूखती रही और पलके भीगती रही !!

आशिकी करने को दिल नहीं करता अब, मगर देखते ही तेरा चेहरा दिल फिर आशिक हो जाता है !!

रोने से अगर वो मिल जाये तो, खुदा की कसम ईस धरती पे सावन की बरसात लगा दूँ !!

क्या बटवारा था हाथ की लकीरों का भी, उसके हिस्से में प्यार और मेरे हिस्से में इंतज़ार !!

मन्दिर-मस्जिद सी थी मोहब्बत मेरी, बेपनाह इबादत थी फिर भी एक न हो सके !!

उसकी जरूरत उसका इंतजार और अकेलापन, थक कर मुस्कुरा देता हूँ मैं जब रो नहीं पाता !!

मुझे नहीं पता की ये बिगड़ गया या सुधर गया, बस अब ये दिल किसी का भरोसा नहीं करता !!

ऐ मोहब्बत तेरी बस इतनी कहानी है, होठों पे दुआ और आँखों में पानी है !!

खेलना अच्छा नहीं किसी के नाजुक दिल से, दर्द जान जाओगे जब कोई खेलेगा तुम्हारे दिल से !!

वोह जब करीब से हंस कर गुजर गए, कुछ खास दोस्तो के भी चेहरे उतर गए !!

वो आँख भी मिलाने की इजाजत नहीं देते, और ये दिल उनको निगाहों में बसाने पे तुला है !!

सुनो ज़रा रास्ता तो बताना, मोहब्बत के सफ़र से वापसी है मेरी !!

बहुत देर कर दी तुमने आने में, अब तो वक्त को भी मैंने वापिस भेज दिया !!

कितना खुश था वो आज उसके साथ, नजर मुझ पर पड़ी तो झट से मायूस हो गया !!

किसी ने धूल क्या झोंकी आँखो में, पहले से बेहतर दिखने लगा है !!

हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते है, उम्र बीत जाती है दिल को दिल बनाने में !!

बहुत आसान है पहचान इसकी, अगर दुखता नहीं तो दिल नहीं है !!

मेरे ज़ज्बात की कदर ही कहाँ, सिर्फ इलज़ाम लगाना ही उनकी फितरत है !!

सबसे ज्यादा दर्द वो गलतियाँ देती है, जिनकी माफ़ी माँगने का वक़्त भी गुजर चुका होता है !!

सब सो गए ख़ुशी ख़ुशी अपना हाल ए दिल बयाँ करके, अफ़सोस की मेरा कोई नहीं है जो मुझसे कहे की तुम क्यों जाग रहे हो !!

एक वक़्त था जब रईसो में गिनती थी अपनी, तेरे इश्क़ का कारोबार मुझे फ़कीर कर गया !!

काश की तुम समज सकते मोहब्बत के उसूलों को, किसी के जीने की वजह बनके उन्हे तनहा छोड़ा नहीं जाता !!

अधूरी मोहब्बत मिली तो नींदे भी रूठ गयी, गुमनाम ज़िन्दगी थी तो कितने सकून से सोया करते थे !!

जब से देखा है की वो बदल से गए है, तब से हम भी साहिब सम्भल गए है !!

कहानी अजीब है पर यही हकीकत है, वो बहुत बदल गया है वादे हज़ार करके !!

यूँ तो सिखाने को जिंदगी बहुत कुछ सिखाती है, मगर झूठी हंसी हसने का हुनर तो मोहब्बत ही सिखाती है !!

दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो, ये ओर बात है की किस्मत दग़ा कर गयी !!

वो अपनी मर्जी से बात करते है और, हम कितने पागल है जो उनकी मर्जी का इंतजार करते है !!

बहेतर है मेरे ख्वाब भी मुझसे, कुछ पल ही सही तुझे पाते तो है !!

अधूरी हसरतों का आज भी इलज़ाम है तुम पर, अगर तुम चाहते तो ये मोहब्बत ख़त्म ना होती !!

मेरे चुप रहने से नाराज़ ना हुआ करो, कहते है की टूटे हुए लोग हंमेशा ख़ामोश हुआ करते है !!

तू ही बता कैसे दे दूँ तुझे अपना ये दिल, टूटे दिलों का देना रिवाज़ नहीं मोहब्बत का !!

लोग कहते है की वक्त के साथ सब कुछ बदल जाता है, फिर न जाने क्यूँ छिपकर ज़िंदा रह जाती है ये मोहब्बत !!

खामोश रातो में तनहाईयो से गुफत्गू करते है, दिलजले रातो में यूँ ही जिया करते है !!

इत्तु सा दिल है मेरा इत्तु सा, और इत्ते बड़े बड़े ग़म झेलता है !!

जो कहते थे की वो मेरे अपने है, आज उन्ही ने मुझे पहचानने से इंकार कर दिया !!

सजा यह मिली की आँखों से नींद छीन ली उसने, जुर्म ये था की उसके साथ रहने का ख्वाब देखा था !!

तुमने समजा ही नहीं, ना समजना चाहा, हमने चाहा ही क्या था, तुम्हारे सिवा !!