ए काश तुम समझ सकते मोहब्बत के उसूलो को, किसी की साँसों में समा कर उन्हें तन्हा नहीं करते !!

चलो हम उजङे शहर के शहजादे ही सही, मगर तुम्हारी आँखे बताती है विरान तुम भी हो !!

मेरी किस्मत भी देखो की किसीने वक्त गुजारने के लिए अपना बनाया, तो किसीने अपना बनाकर वक्त गुजार लिया !!

ना उसने मुड़ कर देखा और ना हमने पलट कर आवाज दी, एक अजीब सा वक्त था जिसने हम दोनो को पत्थर बना दिया !!

मत किया कर ऐ दिल किसी से मोहब्बत इतनी, जो लोग बात नहीं करते वो प्यार क्या करेंगे !!

कभी चोट खाई तो कभी दिल संभाला, मोहब्बत भी एक खेल ही तो था !!

तुम्हे कहने को अल्फाज़ तो सारे चुन लिए थे मैंने, मगर तेरी खामोशी ने उन्हे मेरे होठों तक आने न दिया !!

रात को आजाद हो जाते है जाने किस तरह, सारा दिन रखता हूँ मै तो आंसू बाँध कर !!

हैरान कर दिया उसने आंसुओ की वजह पूछकर, जो शख्स कभी मुझको मुझसे ज्यादा जानता था !!

वो कहते थे की रोने से नहीं बदलते किसीके नसीब, बस उनकी इसी बात ने जिन्दगी भर रोने ना दिया !!

कभी देखा है अंधे को किसी का हाथ पकड कर चलते हुये, इस कदर मैंने मोहब्बत में तुझ पर भरोसा किया था !!

कुछ बूंदे पानी की ना जाने कब से रुकी है पलकों पे, ना ही कुछ कह पाती है और ना बह पाती है !!

एक शखश ही काफी होता है गम बाटने के लिये, महफिल में तो बस तमाशे बनते है !!

इतनी शिद्दत से वो शख्स उतर गया है मेरी रगों में, की उसको भुलाने के लिए मुझे मरना होगा !!

राह रुक जाती है जिस्मों की हदों तक जाकर, फिर मोहब्बत का सफ़र ख़त्म ज़माने के लिए !!

खुशियाँ तो कब से रूठ गई है मुझसे, काश इन गमों को भी किसी की नजर लग जाये !!

जिस चाँद को चाहने वाले हजारों हो, वो क्या समजेगा एक सितारे की कमी को !!

करता नहीं तुमसे शिकायत ये दिल मगर, कहना ये चाहता है की तुम वो नहीं रहे !!

चल रहे है जमाने में रिश्वतो के सिलसिले, ए खुदा तू भी कुछ ले दे कर मुझे मेरी मोहब्बत लोटा दे !!

लिख देना ये अल्फाज मेरी कबर पे, मौत अच्छी है मगर दिल का लगाना अच्छा नहीं !!

ना जाने इस ज़िद का नतीज़ा क्या होगा, समझता दिल भी नहीं, वो भी नहीं और मैं भी नहीं !!

समझ नहीं आता की वफ़ा करे तो किससे करे, मिट्टी से बने ये लोग कागज़ के चंद टुकड़ो पे बिक जाते है !!

उसके साथ होने तक ही महसूस हुई ज़िन्दगी, न उसके आने से पहले न उसके जाने क बाद !!

नींद से मेरा ताल्लुक़ ही नहीं बरसों से, ख्वाब आ आ के मेरी छत पे टहलते क्यों है !!

इतनी शीद्द्त से तो कोई खुदा को भी नही ढूंढता, जितनी शिद्दत से वो मुझमे एब ढूंढता है !!

हम तो आशिक लोग है हमारे हाथो में, जख्म पहले लिखे जाते है तकदीर बाद में !!

बगैर जिसके एक पल भी गुजारा नहीं होता, सितम देखिये की वही शख्स हमारा नहीं होता !!

तुम नहीं गम नहीं शराब नहीं, ऐसी तनहाई का जवाब नहीं !!

गये थे हम उनके आंसू पोछने, बेवजह इल्जाम लग गया हम पे उनको रुलाने का !!

एक तो सुकुन और एक तुम, कहाँ रहते हो आजकल मिलते ही नहीं !!

ख्वाब आँखों से गए और नींद रातों से गयी, वो जिंदगी से गए और जिंदगी हाथों से गयी !!

नींद उड़ गयी है हमारी रातो की, और लोग समझते है हमे महफ़िल का शौक है !!

दिल को कागज समझ रखा है क्या, आते हो, जलाते हो, चले जाते हो !!

मुस्कुराने वाले को खुशनसीब मत समझो, क्यूंकि कुछ लोग मुस्कुराते है गम छुपाने के लिए !!

जो कहते थे दिल को आपके हसने से बेहद सुकून मिलता है, आज उसने ही हर रोज रोने पर मजबूर कर दिया !!

बर्बाद तो हमने अपनी ज़िन्दगी कर दी, तो तू क्या चीज़ है मेरी जान !!

दिल ख़ुदा जाने किसके पास रहा, इन दिनों दिल बहुत उदास रहा !!

अगर मालूम होता की इतना तडपता है इश्क, तो दिल जोड़ने से पहले हाथ जोड़ लेते !!

सोचा ना था महोब्बत का ये भी अंजाम आऐगा, रोयेगी तू और दिल को मेरे करार आऐगा !!

इश्क़ का बँटवारा भी रज़ामन्दी से हुआ, चमक उन्हो ने बँटोरी और तड़प हम ले आये !!

मेरे सामने कर दिए मेरी तस्वीर के टुकडे टुकडे, पता चला मेरे पीछे वो उन्हे जोड़कर बहोत रोये !!

इतनी हिम्मत नहीं है की हाल ए दिल सुना सकूँ अपना, जिसके लिए उदास हूँ वो महसूस कर ले तो काफी है !!

जो कभी न मिले उससे ही लग जाता है दिल, आखिर ये दिल इतना नादान क्यों है !!

खुद को चुनते हुए दिन सारा गुज़र जाता है, फिर हवा शाम की चलती है तो बिखर जाते है !!

क्या कहूँ मैं की कहने को शब्द नहीं मिल रहे, चलो आज ख़ामोशी ही महेसुस कर लो !!

न जाने किस के रंग में रंगी होगी वो आज, दिल यही सोच के जल जाता है !!

अंदर कोई झांके तो टुकड़ो में मिलूंगा, यह हँसता हुआ चेहरा तो ज़माने के लिए है !!

खुद में समेटने की बात कह कर, वो शक़्स मेरे हर लम्हे को बिखेर गया !!

मौसम बड़ा सुहाना है, तन्हा मगर बिताना है !!

वो एक शक्स माँग रहा है खुदा से दुआ में अपनी मौत, ऐ दोस्तो क्या ये महौबत इतनी भी जानलेवा होती है ?

तू इश्क़ की कोई दूसरी निशानी दे दे मुझको, ये आँसू तो रोज़ गिर के सूख जाते है !!

क्या अजीब सी ज़िद है हम दोनों की, तेरी मर्ज़ी हमसे जुदा होने की और मेरी तेरे पीछे तबाह होने की !!

बहोत तकलीफ देती है न मेरी बाते तुम्हे, देख लेना एक दिन मेरी ख़ामोशी तुम्हे रुला देगी !!

सुकून की तलाश में हम दिल बेचने निकले थे, खरीददार दर्द भी दे गया और दिल भी ले गया !!

मुस्कुराने की वजह तुम थी, लेकिन अब रोने की वजह भी तुम हो !!

इस जमाने में वफ़ा की तलाश ना कर मेरे दोस्त, वो वक़्त और था जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे !

कमबख्त दिल तैयार ही नहीं होता उसे भूलने के लिए, मैं उसके आगे हाथ जोड़ता हूँ और वो मेरे पाँव पड़ जाता है !!

एक तुम हो जो रोज संवरते हो किसी और के नाम से, एक हम है जो रोज बिखर जाते है तुम्हारे नाम से !!

चल तुझे दिखा दूं अपने दिल की वीरान गलीयां, शायद तुझे तरस आ जाऐ मेरी उदास ज़िंदगी पर !!

मैं जब भी टूटता हूँ तो तुझे ढूंढता हूँ, तू हमेशा कहती थी ना की हम एक है !!