चाहे तो दिल की किताब खोल भी देते हम, मगर उस पढने वाले को फुरसत ही नहीं थी !!

अब तेरी आँखों में आँसू क्यों पगली , जब छोड़ ही दिया तो भुला भी दिया होता .

मेरी नासमझी की भी हद ना पूछिए दोस्तों, उन्हें खोकर हम फिर उन जैसा ही ढूढ रहे हैं.

हम तो जल गये उसकी मोहब्बत में मोमकी तरह, अगर फिर भी वो हमें बेवफा कहे…तो उसकी वफ़ा को सलाम.

संगमरमर से तराशा खुदा ने तेरे बदन को ,बाकी जो पत्थर बचा उससे तेरा बना दिया .

खुद ही रोये और रो रो कर चुप हो गए, ये सोचकर की आज कोई अपना होता तो रोने ना देता !!

मरहम ना सही तो हमारे जख्म पर नमक ही लगा दो, बस एक तेरे छू लेने से ही हम ठीक हो जायेंगे !!

प्यार एक खैल है, सिर्फ लड़कीयो के लिए !!

कहाँ लेकर जाऊ तुझे रात के अँधेरे में ए मेरे गम, मैं तनहा हूँ तो मेरे पास ही सो जा !!

उसने कहा भूल जाओ मुझे , हमने कह दिया , कौन हो तुम ?

तुमने क्या सोचा कि तुम्हारे सिवा कोई नही मुझे चाहने वाला,पगली छोङ कर तो देख, मौत तैयार खङी है मुझे अपने सीने लगाने के लिए.

आख़िर तुम भी उस आइने की तरह ही निकले, जो भी सामने आया तुम उसी के हो गए.

ये किस तरह का मोहब्बत में सिला दिया है तूने, की हमने जान रख दी और तुमने जुबान भी ना रखी !!

रात भर गिरते रहे उनके दामन में मेरे आँसू, सुबह उठते ही वो बोले कल रात बारिश गजब की थी !!

उसे गैरो के साथ बात करते देखा तो दुख हुआ, फिर याद आया की हम कौन सा उसके अपने थे !!

जरा देखो तो ये दरवाजे पर दस्तक किसने दी है? अगर ‘इश्क’ हो तो कहना, अब दिल यहाँ नही रहता.

मरता नहीं कोई किसी के बगैर ये हकीकत है ज़िन्दगी की, लेकिन सिर्फ सांसे लेने को जीना भी तो नहीं कहते !!

इश्क कहता है मुझे इक बार कर के देख, तुझे मौत से न मिलवा दिया तो मेरा नाम बदल देना !!

कफन की गिरह खोल कर मेरा दीदार तो कर लो, बन्द हो गई है वो आखें जिन से तुम शरमाया करती थी !!

इतना भी गुमान न कर अपनी जीत पर ऐ बेखबर,शहर में तेरी जीत से ज्यादा चर्चे तो मेरी हार के हैं!

ये ख्वाब, ये हसरते, बस कहने की बाते है, हमको तो कोई न दिखा इन्हे पूरा करने वाला !!

जाते हुए उसने सिर्फ इतना कहा मुझसे..ओ पागल …अपनी ज़िंदगी जी लेना,वैसे प्यार अच्छा करते हो.

बेवफ़ाओं की महफ़िल लगेगी आज, ज़रा वक़्त पर आना मेहमान-ए-ख़ास हो तुम.

बहोत मोहब्बत करती थी वो मेरी मुस्कुराहट से, इसलिए जाते जाते उसे भी साथ ले गयी !!

हम जिनकी आरज़ू में चिरागों की तरह जलते है, वो बहुत क़रीब से ग़ैरों की तरह गु़ज़रते है !!

तुम तो मुझे रुलाकर दूर चले गये, मैं किससे पूछूँ की मेरी खता क्या है !!

न जाने कितना टुटा हूँ मैं, अपना वजुद तुझसे जोड़ने में !!

कुछ इस तरह से मेरी ज़िन्दगी को मैंने आसान कर लिया,भुलाकर तुझे, मेरी तन्हाई से मैंने प्यार कर लिया.

शिकवे शिकायत में उलझ कर रह गई मोहब्बत अपनी, समझ नहीं आता इश्क किया था या कोई मुकदमा लङ रहे थे.

मैंने हर दर्द में इंसान को ही मरते देखा है, कम्बख्त इश्क़ तुझे मौत क्यों नहीं आती !!

मेरे ख्वाबों में तुम मेरी हो लेकिन तुम्हे पाना मेरा ख्वाब है। काश तुम मुझसे दूर ना जाती। I miss You !

वो अक्सर देता है मुझे , परिंदों की मिसाल .साफ़ नहीं कहता के , मेरा शहर छोड़ जाओ.

अभी-अभी एक टूटा तारा देखा बिलकुल मेरे जैसा था,चाँद को कोई फर्क नहीं पड़ा बिलकुल तेरे जैसा था !

मुझे रोते हुए देखकर भी वो पास ना आई, क्योंकि अब उसे हमारा तडपना ही अच्छा लगता है !!

अगर हमारी उल्फतों से तंग आ जाओ तो बता देना ,हमें नफरत तो गवारा है मगर दिखावे की मोहब्बत नहीं.

ऐसा नहीं कि दिल में तेरी तस्वीर नहीं थी, पर हाथो में तेरे नाम की लकीर नहीं थी.

जो शख्स ढूंढता था कभी अपनी खुशियाँ मुझमे, उसे बड़े मनहूस से लगते है मेरे साये भी इन दिनो !!

जब भी वो उदास हो उसे मेरी कहानी सुना देना, मेरे हालात पर हंसना उसकी पुरानी आदत है !!

मैंने तो बस उसको पाने की ज़िद्द की थी, मेरा खुदको खोने का कोई इरादा नहीं था !!

आज सड़क पर निकले तो तेरी याद आ गईतूने भी इस सिग्नल की तरह रंग बदला था.

मैं पलट-पलट के आता हु दोस्तो, वो आते-आते पलट जाती है !!

वो ‪महफिल‬ में अपनी ‎वफ़ा‬ का जिक्र कर रही थी, जब नजर ‪मुझ‬ पर पड़ी तो बात ही ‪बदल‬ दी !!

सूखे पत्तों की तरह बिखरे थे हम, ऐ दोस्तो किसी ने समेटा भी तो जलाने के लिए !!

कुछ रूठे हुए लम्हें कुछ टूटे हुए रिश्ते, हर कदम पर काँच बन कर जख्म देते है.

गजब का सबक दिया है ऐ इश्क तूने हमे, जहाँ पल भी ना गुजरे वहाँ जिंदगी गुजार रहे है !!

मेरी ही चाहत से परहेज है उसको जाने किस हक़ीम की दवा लेती है वो।

मेरा क्या हाल है तेरे बिना कभी देख तो ले, जी रहा हु तेरा भूला हुआ वादा बन कर !!

तेरी मोहब्बत को कभी खेल नही समझा ,वरना खेल तो इतने खेले है कि कभी हारे नही.

सच कहा था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो ;मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो साथ छोड़ ही जाती है.

मुझे हराकर कोई मेरी जान भी ले जाए मुझे मंजुर है ,,लेकिन धोखा देने वालों को मै दुबारा मौका नही देता.

संसार में सुई बनकर रहें, कैंची बनकर नही। सुई दो को एक कर देती है, और कैंची एक को दो कर देती है। सबको जोड़ें, तोड़े नहीं…!

वो नाराज होते तो हर किंमत पर मना लेते लेकिन, जो शख्स ताल्लुक ही नहीं रखना चाहते उन्हे कैसे मनाये !!

ना रख उम्मीद-ए-वफ़ा किसी परिंदे से,जब पर निकल आते हैं तो अपने भी आशियाना भूल जाते हैं.

पुरानी होकर भी खास होते जा रही है, मोहब्बत बेशरम है बेहिसाब होते जा रही है !!

मैं अभी तक समझ नहीं पाया तेरे इन फैसलो को ऐ खुदा, उस के हक़दार हम नहीं या हमारी दुआओ में दम नहीं !!

मौत से तो दुनिया मरती है, आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता है !!

दिल ने कहा तुम आज भी मेरे अपने हो, फर्क बस इतना है की अब मनाने नहीं आता !!